क्या पीसीओएस आपको मूडी बना सकता है? जानिए कारण और नियंत्रण के उपाए

PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) हार्मोनल असंतुलन की समस्या है, जो महिलाओं के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्थिति और स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। कई महिलाओं में PCOS के दौरान चिड़चिड़ापन, अचानक गुस्सा या उदासी होना महसूस कर सकते है। लेकिन ऐसा होता क्यों है? आइए विस्तार से जाने।
क्या PCOS आपको मूडी बना सकता है?
हाँ, PCOS बार-बार मिजाज बदलना या मूड स्विंग्स (mood swings) का कारण बन सकता है। यह शरीर में हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है, जो न्यूरोकेमिकल्स को प्रभावित करता है और भावनात्मक रूप से बीमार कर देता है।
PCOS में मिजाज बदलने का कारण क्या होता है?
1. हार्मोनल असंतुलन:
PCOS में इंसुलिन और टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है। इस वजह से हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का संतुलन बिगड़ता है और मूड में उतार-चढ़ाव होते है।
2. नींद की कमी और थकान:
जिन महिलाएं को PCOS होता है उन्हें अनिद्रा और अक्सर थकावट रहती हैं। ये दोनों ही मूडी और मानसिक तनाव पर असर डालती हैं।
3. एंग्जायटी और डिप्रेशन :
PCOS पीड़ित महिलाओं में डिप्रेशन (anxiety) और एंग्जायटी की संभावना 2 गुना अधिक होती है। यह भी मिजाज प्रभावित करने की एक बड़ी वजह है।
4. शारीरिक लक्षण:
PCOS महिलाओं में अनचाहे बाल, अक्ने, वजन बढ़ना आदि लक्षण दिख सकते है यह सेल्फ कॉन्फिडेंस पर असर डालते है जिससे भावनात्मक अस्थिरता बढ़ जाती है।
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PCOS में भावनाओं को कैसे नियंत्रित करें?
1. रोजाना 30 मिनट व्यायाम करें:
कोई भी योग, स्ट्रेचिंग या वॉकिंग करने से हार्मोन्स संतुलित और बेहतर रहते है इसके अलावा मूड भी स्टेबल रहता है।
2. हर्बल चाय अपनाएं:
अच्छी आयुर्वेदिक चाय डाइट में शामिल करे जैसे – शतावरी, ब्राह्मी, तुलसी और अशोक वाली हर्बल चाय,यह स्ट्रेस डाउन करने में मदद करती है।
3. डीप ब्रीथिंग और मेडिटेशन:
हर दिन 10 मिनट गहरी सांस या प्राणायाम और मेडिटेशन करने से दिमाग शांत रहता है।
4. जनर्लिसिंग (Journaling) या डायरी लिखें :
प्रतिदिन थोड़ा सा डायरी में मन की अच्छी बाते लिख सकते है। इससे मन हल्का होता है और clarity भी आती है।
5. शुद्ध और बैलेंस डाइट ले:
PCOS डाइट में अधिक फाइबर, हेल्दी फैट और कम शक्कर मूड सुधारने में मदद कर सकती है।
6. सपोर्ट सिस्टम:
अपने किसी करीबी जिस पर विश्वास कर सकते है उससे बात करे या स्वयं से ही अच्छा रिश्ता बना ले या ईश्वर से मन की बाते शेयर करे।
7. आध्यात्मिक स्वरुप
कुछ टाइम नेचर के साथ बिताये इसके अतिरिक्त कोई नाम जप या मंत्र जाप कर सकते है। सेल्फ केयर पर ध्यान दे।
निष्कर्ष:
PCOS सिर्फ शरीर की एक स्थिति नहीं है, बल्कि यह मेंटली रूप से प्रभावित कर सकती है। लेकिन सही जानकारी, दिनचर्य , आहार, और मेंटल एक्सरसाइज़ से अपने मिजाज को कण्ट्रोल किया जा सकता है।
FAQS
1. क्या PCOS के कारण डिप्रेशन हो सकता है?
PCOS में हार्मोनल बदलाव होते है जो डिप्रेशन की संभावना बढ़ाते है। विशेषकर जब भावनात्मक रूप से अकेले हो।
2. PCOS में anxiety क्यों होती है?
टेस्टोस्टेरोन और इंसुलिन लेवल के असंतुलन के कारण दिमाग के mood-regulating chemicals प्रभावित पड़ता हैं।
3. मूड स्विंग्स के लिए क्या कोई आयुर्वेदिक उपाय हैं?
जी हाँ, शंखपुष्पी, ब्राह्मी, अश्वगंधा जैसी जड़ी-बूटियाँ मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत प्रभावी मानी जाती है।
4. PCOS से ग्रस्त महिला को कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि भावनात्मक उतार-चढ़ाव अधिक हो जिससे दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे है तो डॉक्टर सड़े सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।
5. क्या योग मिजाज में सुधार कर सकता है?
हाँ, प्राणायाम, शवासन और चंद्र नमस्कार विशेष रूप से मानसिक शांति प्रदान करते है।