आहार एवं पोषण सहित 7 प्रमुख अनाजों का संपूर्ण अध्ययन

आहार का अर्थ एवं परिभाषा
वह समस्त खाद्य पदार्थ जिन्हें मनुष्य जीवित रहने, वृद्धि, विकास, ऊर्जा प्राप्त करने तथा शरीर की मरम्मत के लिए सेवन करता है, उसे आहार(aahar) कहते है।
परिभाषा:
“शरीर को ऊर्जा, वृद्धि, स्वास्थ्य और पोषण प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थों को आहार कहते हैं।”
आहार केवल पेट भरने का साधन(source) नहीं है, बल्कि यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता, मानसिक विकास और कार्यप्रणाली में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आहार कितने प्रकार के होते हैं?
आहार को मुख्यतः निम्न प्रकारों में विभाजित किया जाता है —
1. पोषक तत्वों के आधार पर
- ऊर्जा(energy) देने वाले आहार – जैसे वसा व कार्बोहाइड्रेट
- शरीर का निर्माण करने वाले आहार – जैसे कि प्रोटीन
- सुरक्षा देने वाले आहार – जैसे खनिज व विटामिन
2. प्रकृति के आधार पर
- शाकाहारी आहार – फल, अनाज, सब्जियाँ, दालें
- मांसाहारी आहार – मांस, अंडा, मछली
3. आयुर्वेद के अनुसार
- सात्त्विक आहार – शुद्ध, पचने में सरल, हल्का
- राजसिक आहार –मसालेदार, तीखा
- तामसिक आहार – अत्यधिक तला-भुना, बासी
संतुलित आहार(balance diet) किसे कहते हैं यह क्यों आवश्यक है
7 मुख्य अनाज कौन-से हैं?
भारत में मुख्य रूप से उपयोग किए जाने वाले सात प्रमुख अनाज(cereal) निम्न हैं —
- गेहूं
- चावल
- मक्का
- जौ
- बाजरा
- रागी (मंडुआ)
- ज्वार
ये अनाज कार्बोहाइड्रेट का प्रमुख स्रोत हैं जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
पौष्टिक आहार की लिस्ट (Nutritious Diet List) क्या है |पौष्टिक भोजन के फायदे ?
आहार तथा पोषण में संबंध स्पष्ट कीजिए
आहार और पोषण गहराई से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
- जो हम खाते हैं वह आहार है।
- वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा शरीर आहार से जरुरी प्राप्त पोषक तत्वों को ग्रहण कर उनका उपयोग करता है पोषण कहलाता है।
यदि आहार पौष्टिक और संतुलित होगा तो पोषण सही होगा, जिससे—
✔ शरीर का सही विकास होगा
✔ रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि
✔ शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा
आहार यदि असंतुलित है, तो कमजोरी , कुपोषण और अनेक रोग उत्पन्न हो सकते हैं।
निष्कर्ष:
स्वास्थ्य अच्छा बनाए रखने के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि उचित पोषण सही आहार से ही आता है।