मुँह का कैंसर(oral/mouth cancer) जिसे अंग्रेजी में ओरल कैंसर भी कहते है एक गंभीर बीमारी है। यह कैंसर का सबसे आम प्रकार है। अधिकतर यह उन लोगो में होती है नशीले पदार्थो का सेवन करते है। इसकी कम जानकारी होने के वजह से इसके इलाज में देरी हो जाती है। आईये जानते है यह कैसे होती है मुँह के कैंसर का घरेलु इलाज और डाइट क्या हो सकता है –
मुँह का कैंसर कैसे होता है – what is oral cancer in hindi
मुँह का कैंसर व्यक्ति के मुँह के अंतर्गत आने वाले हिस्से जैसे – जबड़े, दांत के नीचे, जीभ, होठ, मसूड़े, तालू में होता है। ज्यादातर यह तम्बाकू जैसी नशे वाले चीज़ों के अधिक सेवन से होता है पर दूसरे कारणों से भी कभी-कभी हो जाता है।
मुँह का कैंसर होने के कारण – reasons of oral cancer in hindi
कभी-कभी नशीले चीज़ों के सेवन न करने वालों को भी होता है और ये होते है निम्न वजहों से जैसे –
अल्ट्रा वॉइलेट रेज़ से
अधिक शराब पीने से
अधिक तम्बाकू
मौखिक सेक्स करने से
कुछ विशेष प्रकार की दवाईयों के सेवन से
अनुवांशिकी होना
मुँह का कैंसर होने के शुरुवाती लक्षण – symtoms of oral or mouth cancer
मुँह के कैंसर (oral cancer) होने पर कुछ तरह के लक्षण दिखते है –
खाना खाने में दिक्कत होना
पूरा मुँह न खुलना
जबड़े के पास कोई निशान दिखाई देना जो लाल या सफ़ेद रंग(लियुकोप्लेकिया) के हो सकते है
दाढ़ के आस-पास गांठ जैसा महसूस होना
कभी-कभी मुँह से खून आना
आवाज में परिवर्तन
मुँह से गंध आना
जीभ पर छाले होना
मुँह के कैंसर का इलाज – treatment of mouth or oral cancer
यदि कैंसर का पता शुरुवात में ही चल जाये तो इलाज से ठीक हो जाता है –
कैंसर सेल्स को हटाने के लिए सर्जरी की जाती है क्योंकि यह अन्य कैंसर के इलाज से आसान होता है इसलिए सर्जरी में आसानी होती है।
कैंसर के प्रारंभिक स्टेज में दवाईयों द्वारा इलाज करने का प्रयास किया जाता है। इसके साथ ही रेडिओ थेरेपी से भी मुँह के कैंसर का इलाज किया जाता है।
कीमोथेरेपी तो कैंसर के लिए प्रचलित है। इसमें कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं को मारा जाता है।
मुँह के कैंसर से बचाव के लिए घरेलू उपाय – natural ways to prevent oral cancer in hindi
मुँह के कैंसर (mouth cancer) के उपचार के लिए घरेलू उपायों को कैंसर के शुरुवात में उपयोग किया जाता है पर इसके सहारे नहीं बैठना है सम्पूर्ण इलाज आवश्यक है –
सबसे पहले रोगी को सभी नशीली पदार्थो को खाना छोडना होता है।
होठों को तेज धूप से बचाये
बैलेंस डाइट करे।
भोजन में विटामिन c, a, e शामिल करें जो कैंसर सेल्स के वृद्धि को रोकती है क्योंकि ऐस फल और सब्जिया में कीमोथेरेपीके गुण होते है।
कुछ तर्क हल्दी और तुलसी के पाउडर को मुँह के कैंसर के इलाज के लिए कहते है पर इसे चिकित्सक के परामर्श पर ही करे।
यहाँ दी सभी जानकारिया सामान्य है किसी भी उपाए के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करे।
मुँह का कैंसर हो जाये तो क्या खाये – food for oral and mouth cancer in hindi
मुँह का कैंसर होने पर इस तरह के पदार्थ खाये
तरल आहार अधिक लें इससे खाने में आसानी होगी।
ऑपरेशन के बाद रोगी को प्रोटीन, विटामिन युक्त आहार खाने चाहिए क्योंकि इलाज के दौरान कमजोरी आ जाना स्वाभाविक है।
नट्स खाये इसमें सेलेनियम होता है।
खाने में हल्दी का प्रयोग करे।
अंगूर, गाजर, पपीता खाये
निष्कर्ष
यहाँ मुँह का कैंसर (oral cancer )कैसे होता है, लक्षण, बचाव और ऐसे में क्या खाना चाहिए के लिए सामान्य जानकारी दी गयी है आप डॉक्टरी परामर्श अवश्य लें।
ज्योतिष्मती तेल के फायदे-ज्योतिष्मती या मालकांगनी तेल जो आजकल बहुत चर्चा में है यह ज्योतिष्मती पौधे से प्राप्त होता है, यह औषधिये गुणों से युक्त तेल है , योग गुरु रामदेव जी नाक के लिए इसके बहुत से लाभ बताये है जिसे आगे बताया गया है। मालकांगनी के फूल, पत्ते, जड़, बीज सभी औषधि के रूप में उपयोग किये…
नाक में घी डालने के फायदे-इसे नस्य प्रक्रिया कहा जाता है यह आयुर्वेद में प्रयोग किया जाने वाला एक उपचार है। इससे मन और शरीर दोनों को संतुलित और शुद्ध करता है। लेकिन लाभ के साथ ही नस्य करने की विधि क्या है और इसके संभावित नुकसान के बारे में भी जानना जरुरी है। नस्य…
आयोडीन के सर्वोत्तम स्रोत (iodine rich food list in hindi)- न सिर्फ थायराइड हार्मोन के लिए आवश्यक है बल्कि आहार अपना कार्य अच्छी तरह करे इसके लिए आयोडीन पर्याप्त मात्रा में शरीर में होना चाहिए। समुद्री इलाको और कुछ देशो के भोजन में आयोडीन हो सकता है लेकिन जो लोग इस प्रकार का भोजन नहीं…
Khamira Abresham Hakim Arshad Wala in hindi एक देसी यूनानी दवा है जिसमें पौधे, पशु और खनिज संसाधनों से प्राप्त सामग्री शामिल होती है। यह आपकी दुर्बलता को दूर कर, ह्रदय और मस्तिष्क को शक्ति प्रदान करता है। इसके अलावा भी खमीरा अबरेशम के ढेरो फायदे है जिन्हे आगे बताया गया है। इसके साथ ही इसे उपोग…
balance diet in hindi- सिर्फ संतुलित भोजन करके ही आप अपना वजन कम कर सकते है और कई तरह की बीमरियों से दूर भी रह सकते है लेकिन क्या आपको पता है की बैलेंस डाइट क्या होता है इसमें क्या होना चाहिए चलिए जानते है – संतुलित आहार किसे कहते हैं यह क्यों आवश्यक है-…
can we eat pear during pregnancy or not in hindi-नाशपाती स्वादिष्ट तो होते ही हैं, बल्कि पोषक तत्वों से भी युक्त हैं गर्भावस्था में नाशपाती खाना आपकी प्रेगनेंसी को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभा सकते है। इसमें प्राकृतिक रूप से शर्करा भी होती है। लेकिन इसे खाने से पहले, नाशपाती के लाभ और इससे…