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पेट ठीक न रहने पर फाइबर कब नहीं खाना चाहिए? ज़्यादातर लोग यहीं गलती करते हैं

jyada fiber khane ke nuksan हमें यही सिखाया जाता है खाने में फाइबर बढ़ा दो अगर पेट साफ नहीं रहता है तो, लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी है जिनका फाइबर खाने से कब्ज, पेट में भारीपन और गैस बढ़ने लगती है

भोजन करती महिला और फाइबर कब नहीं खाना चाहिए?
फाइबर कब नहीं खाना चाहिए?

लेकिन ऐसा क्यों? क्योंकि हर हालत में फाइबर लेना सही नहीं होता है , यहाँ जानिए कि पेट ठीक न रहने पर कब फाइबर नुकसान कर सकता है और इसे खाने का सही तरीका क्या है ?

फाइबर क्या होता है?

फाइबर जो कि एक तरह का कार्बोहाइड्रेट होता है जो आसानी से पचता नहीं है  और मल को बाहर निकलने में मदद करता है

यह दो प्रकार का है:

  • घुलनशील फाइबर जो पानी में घुल जाता है
  • अघुलनशील फाइबर जो मल की मात्रा बढ़ाता है

जब गलत समय पर गलत प्रकार का फाइबर लिया जाता है तब समस्या  होती है ।

पेट ठीक न रहने पर फाइबर कब नहीं खाना चाहिए?

1️⃣ जब पेट में सूजन और बहुत ज्यादा गैस हो

अगर पेट में पहले से गैस बनती हो या फूला हो तो फाइबर अधिक लेने से:

  • गैस बढ़ सकती है
  • पेट में भारीपन लग सकता है

ऐसा इसलिए की फाइबर आंत में जाकर फ़र्मन्टेशन(fermentation) करता है।

2️⃣ सुबह जब पेट बिल्कुल साफ नहीं होता

कई लोग सोचते हैं कि पेट साफ नहीं हो रहा तो चोकर, सलाद या फाइबर बढ़ा दें।
लेकिन अगर मल पहले से जमा हुआ है, तो:

  • ज्यादा फाइबर blockage बढ़ा सकता है
  • कब्ज और सख्त हो सकती है

पहले पेट को हल्का करना जरूरी है।

3️⃣ बहुत संवेदनशील पेट वाले या IBS

  • जिनको गैस बार-बार हो
  • पेट में दर्द
  • कब्ज और दस्त दोनों की समस्या

उनके लिए अधिक फाइबर चोकर और खासकर कच्ची सब्ज़ियां परेशानी बढ़ा सकता है।

4️⃣ बहुत कम पानी पीने वाले

अगर पानी कम पीते है तो अधिक पीजिये क्योंकि फाइबर शरीर से पानी खींचता है। ऐसे में इस तरह की परेशानियां बढ़ सकती है –

  • मल अधिक सख्त हो जाता है
  • कब्ज पहले से अधिक बढ़ सकती है।

👉 फाइबर बढ़ाना है तो पानी पीने की मात्रा भी बढ़ानी होगी।

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फाइबर लेते समय ज़्यादातर कौन-सी गलती करते हैं लोग ?

  • फाइबर एकदम से बहुत ज्यादा बढ़ा देना
  • सिर्फ कच्चे सलाद या चोकर पर निर्भर रहना
  • पानी की मात्रा पर कम रखना

इसलिए फाइबर फायदा की जगह नुकसान कर देती है।

क्या है सही तरीका ? Daily kitna fiber lena chahiye

पेट अगर ठीक नहीं रहता तो:

  • पहले पानी पीने की मात्रा बढ़ाएं
  • हल्का और सरलता से पचने वाला भोजन लें

इसके बाद:

  • घुलनशील फाइबर से ही शुरुआत करें
    (जैसे: ओट्स, दलिया, इसबगोल लेकिन थोड़ी मात्रा में)
  • एकदम से नहीं बल्कि धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाएं

व्यस्क महिला को प्रतिदिन 25-30 ग्राम फाइबर और व्यस्क पुरुष प्रतोदिन 30-40 ग्राम फाइबर फाइबर का सेवन कर सकते है।

डॉक्टर से सलाह किन लोगो को  लेनी चाहिए?

यदि-

  • लंबे समय से कब्ज बनी हुई है
  • लगातार पेट दर्द रहता है
  • मल में ब्लड आता है
  • बिना वजह वजन घट रहा है

तो खुद इलाज करने की जगह डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

निष्कर्ष

फाइबर आवश्यक लेकिन हर हालत में अधिक ले यह जरुरी नहीं
आपमें शरीर की स्थिति को संखे उसके बाद ही फाइबर की मात्रा का तय करे।  सही समय और मात्रा पर लिया गया फाइबर फायदा ही पहुंचाता है । यदि आप गर्भवती है या कोई व्यक्ति पहले से कोई दवा ले रहा है या किसी प्रकार की कोई बीमारी है तो फाइबर की मात्रा घटाने या बढ़ाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q- कब्ज में क्या फाइबर हमेशा फायदेमंद होता है?

नहीं, अगर पेट में सूजन, ज्यादा गैस या मल जमा हुआ हो, तो फाइबर अधिक लेने से समस्या बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में फाइबर का सेवन धीरे-धीरे और सही प्रकार से करना चाहिए।

रोज इसबगोल क्या लेना सही है?

रोज इसबगोल लेना हर किसी के लिए जरूरी नहीं है। कब्ज हल्की है तो सीमित मात्रा में लिया जा सकता है, लेकिन रोज लंबे समय तक लेने से शरीर इसकी आदत बना सकता है।

पेट ख़राब रहने पर कौन-सा फाइबर बेहतर होता है?

घुलनशील फाइबर ऐसी स्थिति में बेहतर होता है, क्योंकि यह हल्का असर करता है साथ ही मल को नरम बनाने में सहायक है।

क्या ज्यादा फाइबर लेने से कब्ज बढ़ सकती है?

हां, पानी अगर कम पिया जाए या फाइबर अचानक ज्यादा बढ़ा दिया जाए, तो कब्ज सख्त हो सकती है।

फाइबर लेने पर कितना पानी पीना चाहिए?

फाइबर सेवन के समय पर्याप्त पानी पीना आवश्यक है। कम पानी पीने से समस्या बढ़ सकती है।

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