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आलसी लोग बिना अलार्म सुबह जल्दी कैसे उठे? जानिए 13 असरदार तरीके

चित्र में घड़ी और सोती महिला - बिना अलार्म सुबह जल्दी कैसे उठे?
बिना अलार्म सुबह जल्दी कैसे उठे?

क्या आप भी बिना अलार्म के सुबह जल्दी उठना चाहते है लेकिन आलस(laziness) की वजह से नहीं उठ पाते है।  हर बार संकल्प टूट जाता है।  एक मिनट बाद उठने का सोचते है लेकिन आधा घंटा कब हो जाता है पता ही नहीं चलता है। तो ऐसा अप्प अकेले इंसान नहीं है।  लेकिन कई लोगो ने अपनी इस आदत से छुटकारा भी पाया है। यहाँ पर आपको बेस्ट सुबह जल्दी उठने के तरीके बताये जा रहे है जिनसे सुबह न उठ पाने का आलस दूर हो सकता है।

बिना अलार्म के सुबह जल्दी कैसे उठें?

 

सिर को तकिये पर पटके

यह तरीका कई लोगो द्वारा माना हुआ है कि जब आप रात को यह सोच का सोते है कि सुबह आपको इतने बजे उठना है खासकर जब जल्दी उठना हो(5 या 6 बजे) तो अगले दिन 90 % आपकी आँख बिना अलार्म उसी वक्त खुल जाती है।  इसके लिए रात को जब सोने वाले हो यानि लेट गए हो और जब हल्की नींद आने लगी हो उसी वक्त उठने का टाइम सोचे और हल्का सा अपने सिर को तकिये पर पटके।  इस वक्त आपका दिमाग शांत अवस्था में होता है और जो कहते या सोचते है उसे जल्दी ऑब्ज़र्व कर लेता है।

अलार्म का टाइम धीरे-धीरे कम करे

अलार्म का टाइम हर दो दिन बाद कम करते जाये और 6 से 6:30 बजे के बीच ले आये। अब यही टाइम हमेशा या जितना चाहते है उतना रखे। इससे कुछ दिनों में बॉडी क्लॉक सेट हो जायेगा और आप खुद ही बिना अलार्म के जग जायँगे।

सुबह जल्दी नींद खुलने के लिए क्या करें?

1. प्रतिदिन तय समय पर सोये सोना शुरू करे

शरीर में एक जैविक घडी होती है जो उसी के अनुरूप चलने लगती है जैसी आदत इसमें डालेंगे। अगर रोज एक ही समय पर सोना शुरू कर देते है तो कुछ ही दिनों में आपकी आदत उसी टाइम की बन जाएगी और सुबह अपने आप आंखे खुल जाती है।  अगर रात को 10 बजे सोते हैं, तो 6 बजे उठ ही जायेंगे।

2. 7 से 8 घंटे की नींद ले

जब 8 घंटे पूरा सो जाते है तो ऑटोमैटिक 5 से 6 के बीच उठ ही जायेंगे। यह बेहद सरल जाओ इसके लिए 10 से 11 के बीज सोने चले जाये।

3. सोने से 30 मिनट पहले स्क्रीन टाइम बंद करें

लैपटॉप और मोबाइल से निकलने वाली नीली रोशनी (blue light) मस्तिष्क को अधिक सक्रिय और जाग्रत रखती है जिससे फ़ोन बंद करने के बाद भी जल्दी नींद नहीं आती है। इसलिए साइन के आधे घंटे पहले फ़ोन बंद कर दे।

4.रात को कैफीन और भारी न खाये

कैफीन आपके दिमाग को जगाये रखती है और एनर्जी देती है जिससे नींद गयाब रहती है। उसी भारी भोजन भी नींद डिस्टर्ब करती है और सुबह उठ पाना मुश्किल होता है।

5. सुबह सूरज की रौशनी

भोर के सूरज की रौशनी से दिन की शुरुवात हो जाती है यह बॉडी क्लॉक को एक्टिव करती है

6. जागने के बाद भी बिस्तर पर न पड़े रहे

जब आँखे खुल जाये तो तुरंत बिस्तर से उठ जाये नहीं तो फिर से आलस आने लगता है।थोड़ा टहले, पानी पिए, फ्रेश होने जाये जिससे आँखे पूरी तरह खुल जाये।

7. सुबह के समु कुछ एक्साइटिंग करे

आप सुबह अपनी कोई भी मन को खुश करने वाली एक्टिविटी कर सकते है जैसे पौधों को पानी डालना, डायरी लिखना आदि। इससे नींद खुलने में आसानी रहती है।

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आलसी लोग सुबह जल्दी कैसे उठें?- how do lazy people wakeup early

1. खुद को आलसी न माने

आप बहुत आलसी यह सोच और पीछे धकेलती है, बल्कि यह कहे कि मै पहले से जल्दी उठने लगा हूँ।

2.  धीरे-धीरे आदत को बदलें

आप एक ही दिन में सुबह पांच बजे नहीं उठ सकते है या उठ भी जाते है तो उसे हमेशा कंटिन्यू नहीं रख पाएंगे बल्कि यह होने में थोड़ा टाइम लग सकता है।  हर दिन पहले दिन से जल्दी उठे।  जैसे पहले 9 बजे उठते थे इस बार 8:30 बजे, एक हफ्ते बाद 8:15 .

3. रात को पॉजिटिव रूटीन बनाएं

अभी आप आपके रात का सोने का जो रूटीन है इसे आपके द्वारा ही बनाया गया है तो अब इसे चेंज करे कुछ दिनों में ही यही आपका रूटीन हो जायेगा। इसमें कुछ अच्छी चीज़े डाल सकते है।

  • सोने के टाइम फ़ोन में कुछ सुनने वाली करे न की देखने वाली इससे ब्लू स्क्रीन का असर नहीं होगा।
  • कल कितने बजे उठना है या करना है उसे बारे में प्लान।
  • gratitude डायरी भी लिख सकते है।

4. सोने से पहले निर्देश दे।

रातको सोते समय स्वयं को निर्देश दे की सुबह जल्दी उठना उसे सुबह तक मंद एक्टिव इस ख्याल के साथ एक्टिव रहता है।

सुबह 5:00 बजे उठने के लिए रात को कितने बजे सोना चाहिए?

5 बजे उठने के लिए आपको कम से कम 7 घंटे की नींद जरुरी है।

उठने का समय सोने का समय
5:00 AM 9:30 से 10:00 PM
6:00 AM 10:30 PM

यदि आप दिन में कोई थकावट वाला कार्य नहीं करते है तो रात हो सकता है कि जल्दी नींद न आये इसके लिए दिन में न सोये और सो भी जाते है तो सुबह जल्दी उठ ही जायेंगे।

निष्कर्ष 

बिना अलार्म के सुबह जल्दी उठना जीवनशैली है अगर सही तरीके से इसे अपनाते है तो जीवन पहले से बेहतर होने लगता है।  इस दौरान आपके पास अतिरिक्त समय बचता है जिसेस दूसरे कार्य भी कर सकते है।

 

 

 

 

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