प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर क्यों दिया जाता है? इसके फायदे और दुष्प्रभाव

गर्भावस्था में प्रोटीन पाउडर सुरक्षित है या नहीं ? जानिए प्रेगनेंसी में प्रोटीन लेने की सही मात्रा, फायदे, दुष्प्रभाव और रतिदिन प्रोटीन शेक पीने से जुड़े कुछ ज़रूरी सुझाव।
प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर क्यों दिया जाता है?
प्रोटीन पाउडर का सेवन महिलाओं को इन कारणों से कराया जाता है:
- मांसपेशियों के विकास और भ्रूण की उचित वृद्धि के लिए
- गर्भवती महिला की ऊर्जा, टिशू की मरम्मत और मांसपेशी की ताकत के लिए
- ब्लड सेल्स के निर्माण और प्लेसेंटा में सहायता
- जब प्राकृतिक डाइट से पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिल पाता, तब सप्लिमेंट के रूप में प्रोटीन दिया जाता है
इसलिए डॉक्टर की निगरानी में संतुलित मात्रा में ही प्रोटीन पाउडर लें।
गर्भवती महिला को कौन सा प्रोटीन पाउडर पीना चाहिए?
प्रेग्नेंट महिलाओं को ऐसा प्रोटीन पाउडर चुनना चाहिए जिनमे ये निम्न गुण हों:
- 100% नेचुरल प्रोटीन के स्रोत (जैसे: प्लांट-बेस्ड प्रोटीन/मट्ठा प्रोटीन )
- बिना आर्टिफिशियल फ्लेवर या प्रिज़र्वेटिव के
- जिसमे फोलिक एसिड, , ओमेगा-3, आयरन, कैल्शियम और विटामिन D जैसे पोषक तत्व शामिल हों
- कम कैफीन कंटेंट और कम शुगर
कुछ सुरक्षित प्रोटीन पाउडर के ब्रांड्स:
- Protinex Mama (प्रोटीन एक्स मामा)
- Plix Mama (Plant-Based Protein for Pregnancy)
- Horlicks Mother’s Plus
- Amway Nutrilite Protein (डॉक्टर से सलाह लें)
- Nestlé Baby & Me Protein Powder
नोट: प्रोटीन पाउडर का सेवन करने से पहले अपने गायनेकोलॉजिस्ट की सलाह ले।
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प्रेगनेंसी में 1 दिन में कितना प्रोटीन लेना चाहिए?
WHO और भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार प्रोटीन की मात्रा:
- पहले तिमाही: 60 ग्राम/प्रति दिन
- दूसरे तिमाही: 67 ग्राम/दिन
- तीसरे तिमाही: 83 ग्राम/दिन
प्रोटीन की मात्रा महिला के वजन और कार्य स्थिति के अनुसार बदल भी सकती है।
गर्भावस्था के लिए कौन से प्रोटीन अच्छे हैं?
संतुलित और प्राकृतिक से प्रोटीन लेना उत्तम होता है:
शाकाहारी स्रोत:
- दालें, मूंग, चना
- पनीर, दूध, दही
- अखरोट, बादाम, काजू
- सोया प्रोडक्ट, ओट्स, क्विनोआ
मांसाहारी स्रोत:
- पूरा अंडे
- उबला या भुना चिकन
- लो मर्करी वाली मछली जैसे सैल्मन
क्या मैं गर्भवती होने पर हर दिन प्रोटीन शेक पी सकती हूं?
हाँ, पी सकती है लेकिन इन बातों का ध्यान ज़रूरी है:
- प्रोटीन शेक में किसी प्रकार का कोई स्टेरॉयड या हानिकारक एडिटिव्स नहीं होने चाहिए
- शेक को भोजन का विकल्प न माने नहीं, बल्कि यह सप्लिमेंट।
- यदि सोया या दूध से एलर्जी है, तो प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का सेवन करे।
- प्रोटीन शेक घर पर बना सकते है यह अधिक अधिक सुरक्षित होता है, जैसे:
- दूध + शहद +केला + बादाम
- दही + ओट्स + चिया सीड्स + फलों के साथ
नियमित सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर लेने के फायदे(Benefits)
1. भ्रूण के विकास में मदद-प्रोटीन शरीर के टिशूज अउ रंगो रचना के लिए जरुरी होते अहइ। यह बच्चो की मांसपेशियों, त्वचा, हड्डियों और मस्तिष्क के विकास में सहायक होती है।
2. एमनियोटिक थैली और प्लेसेंटा-इसका निर्माण प्रोटीन से होता है। यह जो गर्भस्थ शिशु के सुरक्षा के लिए आवशयक है।
3. मां को ऊर्जावान और मासंपेशियों को मजबूत करे-गर्भवती महिला को थकान से राहत देने प्रोटीन सहायक है यह मसल्स को मजबूत करने के साथ ही शरीर के टूट-फुट की मरम्मत भी करता है।
4. एनीमिया की संभावना कम करे-कई ऐसे प्रोटीन पोडर होते है जिनमे विटामिन B12 और आयरन मौजूद होते है जो खून की कमी के खतरे को कम करते है।
5. वजन को संतुलित बनाए-प्रोटीन पेट अधिक देर तक भरा हुआ महसूस कराता है जिससे आधीक खाने से बच जाते है वजन भी बैलेंस रहता है।
6. इम्युनिटी बेहतर करे-प्रोटीन पोडर में एमिनो एसिड, मिनिरल्स और विटामिन्स उपस्थित होते है जो प्रेगनेंसी में प्रतिरोधक छमता बढ़ाते है।
7. ब्रेन डेवलपमेंट और नर्वस सिस्टम के लिए-फोलिक एसिड और ओमेगा-3 युक्त प्रोटीन सप्लीमेंट्स शिशु के मस्तिष्क के विकास में हेल्प करते है।
8. पोषण का सरल उपाय-यदि भूख न लगी हो लेकिन पोषक चाहिए हो तो विकल्प के रूप में प्रोटीन शेक पी कर न्यूट्रिशन ले सकते है।
गर्भावस्था के दौरान प्रोटीन के दुष्प्रभाव क्या हैं?
सामान्य मात्रा में लिया गया प्रोटीन बॉडी के लिए जरुरी है लेकिन अधिक लेने से कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं:
- पेट फूलना, अपच, गैस और कब्ज
- किडनी पर दबाव
- वज़न का बढ़ना
- कुछ प्रोटीन पाउडर से ऐलर्जी
निष्कर्ष
इस लेख में प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर का सेवन करने के फायदे, ब्रांड्स और दुष्प्रभाव बताये गए है। उचित मात्रा में और जरुरत के अनुसार परतें पाउडर का इस्तेमाल करने के लाभ महिला और बच्चे दोनों को मिलते है लेकिन इनका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लेना अनिवार्य है।