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दांतों की सड़न को कैसे खत्म करें? बचाव और घरेलू उपचार

दांतों की सड़न मुख के स्वास्थ्य से जुडी हुई एक common problem है इसे थोड़ी सी सावधानी रखकर कैसे इस तकलीफ से बच सकते है दांतों की सड़न को कैसे ठीक करें? यहाँ आर्टिकल में जान सकते है।

चित्र में दांतों की सड़न को दिखाती महिला
दांतों की सड़न

दातों की सड़न क्या है ?-Tooth Decay in Hindi

दांत शरीर के सबसे कठोर हिस्सा होता है जो फॉस्फोरस, कैल्शियम और अन्य मिनिरल्स से बने होते है लेकिन कई बार व्यक्ति के ध्यान न देने के कारण इसमें सड़न हो जाती है ऐसे में दांत के बाहरी परत (इनमेल) को नुकसान पहुंचता है।।

दांतों की सड़न का शिकार के वजह से ही दन्त दर्द होता है जिससे कुछ भी खाने-पीने में तकलीफ होती है।

दांतों की सड़न का कारण – Tooth Decay Causes in Hindi

क्योंकि दांतों की सड़न मुँह के अंदर होती है तो इसलिए किसी को मालूम नहीं पड़ती है जिससे हम इसे नजरअंदाज भी कर देते है। दन्त सड़न के कुछ निम्न कारण हो सकते है –

कार्बोहायड्रेट और शक्करयुक्त खाद्य पदार्थ- पोटैटो चिप्स, टॉफी आदि इन्हे अधिक मात्रा में खाने से यह दांतो में चिपक जाते है जिससे सदन हो सकती है।

दांतों की बनावट और साफ-सफाई- दो वक्त ब्रश करने से दांतो में उपस्थित बैक्टीरिया कम हो जाते है और मौजूद खाद्य प्रदार्थ भी निकल जाते है। वही कई किसी के दांतो की बनावट थोड़ी अलग हो ने के कारण उनमे खाद्य पदार्थ अधिक फंसते है।

मुख में प्लाक- दांतो में बैक्टीरिया अधिक होने के कारण यह दांतो में प्लाक बनना शुरू हो जाता है।  दो बार ब्रश करके इसे कम कर सकते है। यह शक्कर और कार्बोहायड्रेट बैक्टीरिया जल्दी बढ़ाते है।

दांतों के सड़न के लक्षण –  Tooth Decay Symptoms in Hindi

दांतों की सड़न का कुक मुख्य लक्षण है –

पहला लक्षण – दांतो के ऊपर की सतह जिसे इनमेल कहते है पर भूरा या काला रंग का दाग बनने लगना जो धीरे-धीरे छेद का रूप लेने लगता है। और इ

दूसरा लक्षण – जब छेद और बड़ा और गहरा हो जाता है सी में भोजन फसने लगता है। छेद धीरे-धीर इनेमल के नीचे जिसे डेंटिन कहते है तक पहुंच जाता है जहां कुछ भी ठंडा या गर्म खाने में झन्नाहट होती है।

तीसरा लक्षण – जब सड़न दांतो की नस या पल्प तक चला जाता है तब वह इन्फेक्शन हो जाता है और दांत में तेज दर्द होता है।

दांत में सदन खत्म करने का घरेलू उपाय

नमक के पानी से कुल्ला

दांतों की सड़न दूर करने यह  सबसे असरदार घरेलू उपाय है।  खारे पानी से कुल्ला करने से मुंह और दांतो के बैक्टीरिया बेअसर और सूजन कम होती है।  आधा चम्मच नमक को एक गिलास गुनगुने पानी में में मिलकर कुल्ला करे।  यह नेचुरल रूप में कैविटी (cavities) दूर करने एक तरीका है। ।

ऑयल पुलिंग

मुंह के सूक्ष्मजीवों को बेसर करने के लिए मुँह में ऑयल पुलिंग या तेल खींचना भी कर सकते है। एंटी बैक्टीरियल गुणों वाला कोकोनट तेल को मुंह में भर कर कुछ देर तक इसे मुँह के चारो तरफ घुमाये और फिर थूक दे और नार्मल पानी से कुल्ला कर ले।

लौंग तेल की बुँदे 

रोगाणुरोधी प्रॉपर्टीज युक्त लौंग का तेल (clove oil) दांतो की दर्द दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है लेकिन इसे मुंह के बैक्टीरिया से भी लड़ने के लिए इस्तेमाल कर सकते है।  जिस जगह पर दांतो में सड़न है वहां पर कॉटन को लौंग तेल में डुबोकर रखे।

लहसुन की कली 

दांत दर्द से राहत पाने में लहसुन एक प्राकृतिक उपाय और एंटीबायोटिक है। इसका एलिसिन यौगिक मुंह में बैक्टीरिया के प्रभाव को भी कम कर सकता है। एक लहुसन का पेस्ट बनाकर उसे प्रभावित जगह पर लगाए। इसके अलावा लहसुन को कच्चा ही चबाकर लाभ ले सकते है।

ग्रीन टी

मौखिक स्वास्थ्य (oral health) के लिए एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ग्रीन टी में जीवाणुरोधी गुण होते हैं। प्रतिदिन एक कप हरी चाय पीने से मुंह में बैक्टीरिया और सूजन प्राकतिक रूप से ठीक हो सकती है।

हल्दी पेस्ट

एंटी इंफ्लमैशन और एंटी बैक्टीरियल युक्त हल्दी दांतों की सड़न के दर्द और कीटाणु को दूर करने में सहयोगी हो सकता है। हफ्ते में दो से तीन बार हल्दी पाउडर का पेस्ट बनाये और प्रभावित दांत पर कुछ देर के लिए लगा ले।

नीम की टहनी 

नीम को इंडियन बकाइन भी कहते है।  ओरल हेल्थ के लिए इसे ह हमेशा से उपयोग किया जाता रहा है।  नीम की ताली टहनियों को सुबह दांतो पर रगड़ने से दातो की कैविटी, मासूनो की सूजन आदि समस्याएं दूर होती है।  वही इसे चबाने से दांतो में सदन हो ने से भी बचाव होता है और यदि सदन होने लगी है तो अधिक गहराई में सदन होने से रुक सकता है। दांतो के दर्द के लिए यह एक पारम्परिक उपाय है।

अमरूद के हरे पत्ते

सूजनरोधी, सूजनरोधी गुणों से सपन्न अमरूद के पत्तों में रोगाणुरोधी गुण भी मौजूद होते है। इसे माउथवॉश की तरह उपयोग करने या सीधे चबाने से ही सूजन सहित बैक्टीरिया से बचाव होता है। पारंपरिक भी रूप से मुँह की स्वच्छता के लिए अमरूद के पत्तों का इस्तेमाल दिनचर्या किया जाता है।

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करौंदे का जूस

एंटीऑक्सीडेंट से संपन्न करौंदे या क्रैनबेरी जूस पीने से दांतो में बैक्टीरिया चिपकने से रोक सकता है जिससे प्लाक बनने की संभावना कम होती है। करौंदे में प्रोएंथोसायनिडिन नामक तत्व हानिकारक बैक्टीरिया खत्म करते हैं।

एलोवेरा का जेल

शीतल एलोवेरा दांतो के लिए एक और उपचारात्मक तरीका है।  मसूड़ों की सूजन और दांतों की सड़न की वृद्धि कम करने के  लिए इसे विकल्प के तौर पर इस्तेमाल कर सकते है।  बस थोड़ी से मात्रा में एलोवेरा जेल को सीधे दांतो पर कुछ देर के लिए लगा ले।

विटामिन डी

कैल्शियम और फास्फोरस के अलावा विटामिन डी समग्र मौखिक स्वास्थ्य के लिए जरुरी है।  प्राकृतिक रूप से विटामिन डी के लिए धूप के अतिरिक्त डॉक्टर से परामर्श लेकर अलग से सप्लीमेंट्स ले सकते है।

मुलेठी जड़

बेहतरीन मौखिक स्वास्थ्य के लिए मुलेठी की जड़ प्राकृतिक उपचार है। इसे सीधे ही चबाने से इससे निकलने वाला रस दांतो से दर्द दूर करता है और पूरे मुंह को जीवाणुरोधी बनाता है। इसके फ्लेवोनोइड्स और ग्लाइसीराइज़िन तत्व गले में होने वाली खराश, मसूड़ों की बीमारी, मुंह की दुर्गन्ध और छालो के लिए भी यह कारगर है। 

दांतों की सड़न से कैसे बचाव (Prevention) करे

  • साल में दो बार दांतो का  दन्त चिकिसक से चेकअप कराएँ।
  • सुबह बस थोडा जल्दी उठ जाये इससे आराम से ब्रश कर पाएंगे अक्सर लोग जल्दी-लज्दी ब्रश करते है जिससे सफाई अच्छे से नहीं हो पाती है।
  • दांतों को रोज 2 बार सुबह और सोने से पहले रात को साफ़ करें।
  • ब्रश दांतो में तेज और दो मिनट से अधिक न रगड़े।
  • माउथवाश का भी प्रयोग कर सकते है।
  • रात को सोने से पहले एक बार कभी-कभी दांतों के बीच में floss से भी सफाई करें।
  • चिपचिपा, चिपचिपा मीठा प्रदार्थ कम खाएं।
  • सोडा युक्त पेय पदार्थ न ले।
  • होल ग्रेन (साबुत अनाज) खाये।
  • किसी भी तरीके के नशीले पदार्थो का भी सेवन न करे।

दांतों की सड़न (Tooth Decay) का इलाज Treatment in Hindi

  • सड़न अगर दांतों की उपरी सतह पर छोटी है तो वहां डेंटिस्ट वह छेद और सफाई करके फिलिंग र देते है। आप दांतो के रंग की भी फाइलिंग करा सकते है।
  • सड़न अगर दांतों के बड़े हिस्से तक पहुंच गयी है तो डेंटिस्ट पहले x-ray ले सकते है और परार्मश और इलाज देंगे।
  • दांत अधिक सड़ गए है तो दांतों के नस को बचाने के लिए डॉक्टर इस पर कैप लगा सकते है।
  • पूरी तरह साद चुके दांतो को निकाल भी दिया जाता है वह पर आर्टिफीसियल दांत लगवा सके है।

निष्कर्ष

इस लेख में दांतों में सड़न कैसे खत्म करे और इसके इलाज के बारे में सामान्य जानकारी प्रदान की गयी है। अपने दांतो की बेहतर देखभाल करे जिससे यह स्वस्थ रहे और यहाँ बताये गए किसी भी इलाज को अपनाने से पहले डेंटिस्ट से सलाह ले।

FAQs

दांत सड़ने से कौन सी बीमारी होती है?

दांतो में सड़न को न रोकने से यह कैविटी में बदल सकता है और सही समय पर इलाज न करने पर डेंटिन तक पहुंच सकता है।

क्या सच में सड़े हुए दांत ठीक हो सकते हैं?

सादे हुए दांतो को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता है लेकिन उन्हें और अधिक सड़न और गहराई में ज आने से बचाया जा सकता है।

दांतों की सड़न की सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

दांतों की सड़न से राहत पाने के लिए घरेलू उपायों के अलावा दन्त चिकित्सक फ्लोरॉइड उपयोग करते है इसे दांतो में भरा जाता है जिससे सड़न गहराई में न जाये।

क्या छेद वाले दांत को बचाया जा सकता है?

यदि दन्त में छेद दांतो की नसों तक पहुंच गए अहइ तो उसे निकालना पड़ सकता है।

दांतों में मसाला भरने के कितने पैसे लगते हैं?

दांतो को सड़न से बचाने के लिए इसमें भरने वाले मसाले की कीमत अलग-अलग हो सकती है लेकिन आमतौर पर डेढ़ हजार से चार रुपये तक लग सकता है।

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