चित्र में महिला और मेनोपॉज का आयुर्वेदिक इलाज
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Menopause Ka Ayurvedic Ilaj-मेनोपॉज का आयुर्वेदिक इलाज करे लक्षणों को काबू जानिए कैसे?

मेनोपॉज का आयुर्वेदिक इलाज-महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ ही उनकी बॉडी में कई शारीरिक बदलाव होने लगते है जो मुख्यतः हार्मोनल परिवर्तन के कारण होते यही।  इसे एजिंग भी कहा जा सकता है।  इसी में एक स्टेज मेनोपॉज(menopause) की होती है जिसमे पीरियड्स बंद हो जाते है जिससे शरीर को कई समस्याओ से जूझना…

लिवर में सूजन से पीड़ित बच्चा
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लिवर में सूजन का रामबाण इलाज: असरदार आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय

लिवर में सूजन क्या है?-What is fatty liver in hindi आयुर्वेद में लिवर में सूजन को “यकृत शोथ” कहा जाता है।  जब लिवर की कोशिकाओं में सूजन आ जाती है तब यह समस्या होती है। जिससे रक्त शुद्धि, पाचन और विषैले पदार्थो के बाहर निकलने की प्रक्रिया पर असर पड़ता है। लिवर सूजन के रामबाण आयुर्वेदिक…

चित्र में Gore hone ke ayurvedic upay के लिए लड़की फेस पैक लगते हुए
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Gore hone ke ayurvedic upay-रातों रात पूरा शरीर गोरा करने का आयुर्वेदिक उपाय

Gore hone ke ayurvedic upay सुंदरता को हमेशा से ही रंगत और त्वचा की चमक से जोड़ा जाता है। लेकिन आयुर्वेद में,  सही दिनचर्या, अंदरूनी शुद्धता और संतुलित आहार को ही त्वचा की असली सुंदरता माना गया है।  वही अगर पूरे शरीर को गोरा करना या टैनिंग दूर करना चाहते है तो कुछ आयुर्वेदिक तरीके…

चित्र में सात्विक भोजन की थाली
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सात्विक भोजन क्या होता है इसके 10 फायदे, बनाने का तरीका और नुकसान

सात्विक भोजन पौष्टिक, शुद्ध, हल्का और सुपाच्य आहार होता है, जो शरीर, आत्मा और मन को शांति प्रदान करता है।  भगवद गीता के अनुसार, सात्विक आहार बल, आयु और सेहत को बढ़ाता है। इसमें सब्जियां, मौसमी ताजे फल, घी, सूखे मेवे, अनाज आदि शामिल होते है।  यह पाचन को सुधारता है और प्रतिरोधक छमता मजबूत…

चित्र में व्यक्ति और ऋतुचर्या के बारे में
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आयुर्वेद में ऋतुचर्या क्या है? उनके दोष और जीवनशैली

आयुर्वेद के अनुसार, प्रकृति में मौसम के आधार पर व्यक्ति की दिनचर्या भी परिवर्तन होनी चाहिए जिससे त्रिदोष संतुलित रहे और स्वस्थ जीवन का निर्वाह कर सके।  ऋतुचर्या का प्रत्येक ऋतुओ में अलग-अलग प्रभाव पड़ता है जिसके बारे में आगे जान सकते है – ऋतु दोष क्या है? आयुर्वेदिक ग्रंथो में कहा गया है कि…

चित्र में शिरोधारा थेरेपी कराती महिला
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Shirodhara therapy in Hindi-शिरोधारा: फायदे और नुकसान

शिरोधारा क्या है? शिरोधारा थेरेपी एक आयुर्वेदिक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जिसमें विशेष तरह की औषधीय से युक्त तेल, छाछ, दूध, या अन्य जड़ी-बूटियों वाले द्रव्यों को ललाट (मस्तक) पैर निरंतर धीमी धार डाला जाता है। इस प्रक्रिया से मानसिक शांति, तंत्रिका तंत्र को संतुलन  करने और शारीरिक विकारों को दूर करने में बहुत सहायक…

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बिना सर्जरी फिशर के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा कौन सी है?

फिशर क्या है? – Anal Fissure kya hota hai फिशर गुदा (anus) की त्वचा के आस-पास घाव या एक छोटी दरार होती है, इसमें जलन, दर्द कर कई बार खून भी आ सकता है। यह भारी मल त्याग, कब्ज, या मसालेदार भोजन के कारण हो सकता है। क्या बिना सर्जरी के फिशर ठीक हो सकता…

विरेचन के बाद क्या खाना चाहिए-चित्र में बैठ क्र खाती महिला
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विरेचन के बाद मुझे क्या खाना चाहिए?

आयुर्वेद में विरेचन के बाद की इस प्रकार का आहार लेना होता है जिससे शरीर को फिर से ऊर्जा और पाचन तंत्र संतुलित हो सके ।  ऐसी कोई चीज़ न खाये जिसे पचाना मुश्किल और पाचन तंत्र को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़े। आइये जाने विरेचन कर्म के पश्चात किस प्रकार का आहार लेना चाहिए। पंचकर्म…

विरेचन करने के फायदे-चित्र में पेट दिखाता व्यक्ति
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आयुर्वेद में विरेचन क्या है, प्रकार, फायदे और नुकसान

आयुर्वेदिक में विरेचन एक शोधन प्रक्रिया है, जो पंचकर्म के पांच प्रक्रियों में से एक है इसका उपयोग शरीर से विषैले पदार्थों (टॉक्सिन्स) को बाहर निकाल कर पाचन तंत्र को शुद्ध करना है। मुख्यतः यह पित्त दोष को संतुलित करने के लिए किया जाता यही। इसे मुख्य रूप से पित्त दोष को संतुलित करने के…

नाक में घी डालने के फायदे-चित्र में लेती हुई महिला के नाक में गिरती बून्द और एक कटोरी में घी
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नाक में घी डालने के फायदे, विधि,और नुकसान

नाक में घी डालने के फायदे-इसे नस्य प्रक्रिया कहा जाता है यह आयुर्वेद में प्रयोग किया जाने वाला एक उपचार है। इससे मन और शरीर दोनों को संतुलित और शुद्ध करता है। लेकिन लाभ के साथ ही नस्य करने की विधि क्या है और इसके संभावित नुकसान के बारे में भी जानना जरुरी है। नस्य…